शुक्रवार, 27 अप्रैल 2012

Naye serials

वो भी एक दौर था 
यह भी एक दौर है
उस दौर में
उड़ान  जसी  सेरिअल्स थे
कितनी लड्कियौं
     ने प्रेणना   ली
मुक्त आकाश में उड़ने की
नयी ऊचईया छूने  की
  वह सुरुआत थी
नारी सशक्तिकरण की
एक नए भारत जागरण की
पर यह क्या नया दौर है 
हर सीरियल में
दिखाते है
नारी कैसे पिटती है
कैसे एक पढ़ी लिखी लड़की
अत्याचार सहती है
लड़की कहती है
पिताः के घर से डोली
और
पति के घर से अर्थी उठती है
आखिर ईक्कीसवी  सदी की
लड़की को हम क्या
सिखाना  चाहते है
की  पति के आवारा दोस्तों को
शराब सर्व करना
पति धर्म है
सामाजिक बुराई  दिखाने की आड में
किस मानसिकता को बढ़ावा देते है
दिखाते है की शिक्षा का
रूढ़ीवाद पर कोई असर नहीं होता
लानत है इन चंनेल्स पर
लानत है इस
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर
उड़ान से भाग्याविधता
की यह यात्रा
सचमुच बहुत दुर्भायपूर्ण है
पता नहीं
TRP  की दौर
और क्या -क्या दिकलाएगी


















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